Wednesday, February 8, 2023
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‘मनसा देवी’ के जरिये इन ग्रामीणों ने लिखी सफलता की कहानी

जनपद टिहरी गढ़वाल के विकास खण्ड देवप्रयाग की ग्राम पंचायत कोलाकाण्डी में ग्राम संगठन ‘‘मनसा देवी‘‘ द्वारा दुग्ध उत्पादन (डेयरी) का कार्य किया जा रहा है। ‘मनसा देवी‘ ग्राम संगठन ग्राम पंचायत कोलाकाण्डी के 06 (छः) महिला स्वंय सहायता समूहों से मिलकर बना है जिनमें चन्द्रबदनी स्वयं सहायता समूह,घण्टाकरण स्वयं सहायता समूह, जय भगवती स्वयं सहायता समूह, जय घंडियाल स्वयं सहायता समूह, नागराजा स्वयं सहायता समूह और सरस्वती स्वयं सहायता समूह शामिल हैं।

‘मनसा देवी‘ ग्राम संगठन में कुल 52 महिला सदस्य है तथा संगठन की 52 महिला सदस्यों में से 25 महिला सदस्यों दुग्ध उत्पादन का काम करती है। ये 25 महिलाएं 6 अलग-अलग समूहों में से हैं। जबकि संगठन द्वारा सम्बन्धित ग्राम में डेयरी का भी संचालन किया जा रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादन कर रही महिलाओं को अच्छी आय प्राप्त हो रही है।

स्वरोजगार से जुडे, जनपद टिहरी गढ़वाल के विभिन्न विभागों द्वारा आपसी समन्वय से कार्य करते हुए विभिन्न योजनाओं का का लाभ देकर ‘‘मनसा देवी‘‘ ग्राम संगठन को स्वरोजगार स्थापना में सहयोग प्रदान किया गया है।

ग्राम संगठन ‘मनसा देवी‘ द्वारा विकासखण्ड कार्यालय, देवप्रयाग को प्रस्ताव दिये जाने पर विकास खण्ड कार्यालय द्वारा प्रारम्भ मे सीआईएफ (कम्यूनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) के तहत संगठन की 10 महिलाओं को रूपये तीन लाख जिनमें प्रति महिला को रूपये तीस हजार के हिसाब से ब्याज रहित ऋण दुधारू पशु क्रय हेतु दिया गया।

वहीं महिलाओं द्वारा सीआईएफ की धनराशि चुकाये जाने पर पुनः सीआईएफ से ग्राम संगठन की और तीन महिलाओं को प्रति महिला रुपये तीस हजार के हिसाब से ब्याज रहित ऋण दुधारू पशु क्रय हेतु दिया गया। जबकि संगठन की 12 और महिलाओं को सहकारिता विभाग से रूपये 6 लाख का ब्याज रहित ऋण प्रति महिला रूपये 50 हजार के हिसाब से दिया गया।

इस प्रकार ग्राम संगठन की 25 महिला लाभार्थियों को 25 दुधारू पशुओं (गाय, भैंस) के क्रय हेतु सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ब्याज रहित ऋण प्रदान किया गया। वहीं दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रही संगठन की 10 महिला लाभार्थियों हेतु गौशाला का निर्माण तथा डेयरी संचालन हेतु काॅमन वर्क शैड का निर्माण मनरेगा से करवाया गया।

ग्राम संगठन को सशक्त किये जाने हेतु जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल द्वारा भी अनटाईड फण्ड से रूपये 2 लाख 75 हजार की धनराशि डेयरी मशीनों के क्रय हेतु दी गयी। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी) द्वारा महिलाओं को पशुपालन व दुग्ध उत्पादन के बावत प्रशिक्षण भी दिया गया।

ग्राम संगठन ‘मनसा देवी‘ की अध्यक्ष सुलोचना देवी ने बताया कि उन्हें दुग्ध उत्पादन से औसतन रूपये 15 हजार की आय प्रति माह प्राप्त हो रही है। इसी प्रकार संगठन के अन्तर्गत दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रही अन्य महिलाओं को भी अच्छी आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि मनसा देवी ग्राम संगठन द्वारा क्षेत्र के अन्य ग्रामों से भी दूध एकत्रित कर दूध व अन्य डेयरी उत्पादों की सप्लाई क्षेत्रीय बाजार सहित जनपद के दूरस्थ बाजारों में की जा रही है। इस प्रकार अन्य ग्रामों को भी डेयरी के रुप में एक अच्छा विपणन केन्द्र मिला है जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंच रहा।

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