Home उत्तराखंड उत्तराखंड : चार साल में महज दो फीसदी बेरोजगारों को ही मिली नौकरी

उत्तराखंड : चार साल में महज दो फीसदी बेरोजगारों को ही मिली नौकरी

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देहरादून : कोविड की पहली लहर के दौरान वर्ष 2020 में अगस्त महीने में बेरोजगारी की दर 14.3 प्रतिशत थी, जबकि इस साल अगस्त में यह 6.2 प्रतिशत रही है। यह खुलासा हर महीने बेरोजगारी दर के सर्वेक्षण आंकड़े जारी करने वाली एजेंसी सेंटर फॉर मानिटरिंग इंडियन इकोनॉमी प्राइवेट लि. (सीएमआईई) के आंकड़ों से हुआ।

उत्तराखंड में बेरोजगारी की दर के आंकड़ों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग छिड़ी है। कांग्रेस पिछले दो महीनों में बढ़ी बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी के आंकड़ों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाने साध रही है। जवाब में सत्तारूढ़ भाजपा भी बेरोजगारी दर के दो साल के आंकड़ों के अंतर के जरिये यह बताने का जतन कर रही है कि प्रदेश में बेरोजगारी कम हुई है। पक्ष और विपक्ष की इस सियासी जंग के बीच रोजगार दफ्तरों में पंजीकरण कराने वाले उत्तराखंड के 4,72804 बेरोजगार नौकरी ढूंढ रहे हैं।

प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार साल के दौरान प्रदेश में 472,804 बेरोजगारों ने सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण कराया। सबसे अधिक 71534 पंजीकृत बेरोजगार देहरादून जिले में हैं। हरिद्वार 52,623 पंजीकृत बेरोजगारों के साथ दूसरे नंबर पर है।